रविवार, 5 जनवरी 2020

आये मां के नवराते , रेणुका मां के द्वारे


आये माँ के नवराते , झूमते नचते गाते 
रेणुका माँ के द्वारे , आये हम हर्ष मनाते
मन का मयूरा कहा खो गया
तेरे दर आके जाने माँ क्या हो गया
    रेणुका माँ माँ माँ रेणुका माँ माँ माँ  रेणुका माँ रेणुका
(1)      सच गई धामनगाँव की गलियाँ   
     F    खिल गई नवराते मे कलियाँ     
M      उधो उधो कहके तेरी अलख है जगाई रे
          मईया तेरे भक्तो ने ज्योति है जगाई रे
M       हल्दी से तन को रंगा के
         कुमकुम का तिलक लगा के
         जतरा मे तेरी आके खो गया
         तेरे दर आके जाने क्या हो गया
                       रेणुका माँ $ $$
(2)  F    टोलीया देखो सजने लगी है
      M   कौडिया देखो बँटने लगी है
            मेड्या भगत लगाते जय जय कारे
            रेणुका भवानी माँ के आये है द्वारे
       लाये कपास के दाने , हे मईया तुम्हे चढ़ाने
       मनौती माँ को सुनाते खो गया
       तेरे दर आके जाने खो गया
              रेणुका माँ $ रेणुका
(3) M     बूटलिया देखो सजने लगी है
      F     सहनाईया देखो बजने लगी है
           भक्तो की टोली माँ के द्वारे जब आयेगी      MF     कारी कारी काया  उजयारी हो जायेगी
  M    आया बेनाम द्वारे  करते माँ के जयकारे
  F     दुनिया के      खो गया ।
        तेरे दर आके जाने क्या हो गया

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