सूर्यलोक में आये है देने बधाई देव
मां छाया पिता भास्कर लेव बधाई लेव
भक्तों बधाई है बधाई है 4
ताप्ती जनम की खुशियाँ छाई है
दर्शन कों देव सभी आये है
छाया माता से अर्जी लगाए है 2
लाए उपहार सभी लाए है 2
मन में आनन्द कों समाए है 2
जग तारण बिटिया तुमने जाई है
भक्तों बधाई है बधाई है
माँ ताप्ती के तट पर जो आते है
दर्शन से पाप धूल जाते है 2
मन की मुरादें माँ से पाते है 2
बेनाम दीप जो जलाते है 2
शहनाज तेरी महिमा गाई है
भक्तों बधाई है बधाई है
सूर्यसुता वरदानी है
इनसा ना जग में कोई प्राणी है 2
वेदों ने महिमा जो बखानी है 2
सुर नर गंधर्वो जो मानी है 2
यम और शनिचर जिसके भाई है
भक्तों बधाई है बधाई है
मां छाया पिता भास्कर लेव बधाई लेव
भक्तों बधाई है बधाई है 4
ताप्ती जनम की खुशियाँ छाई है
दर्शन कों देव सभी आये है
छाया माता से अर्जी लगाए है 2
लाए उपहार सभी लाए है 2
मन में आनन्द कों समाए है 2
जग तारण बिटिया तुमने जाई है
भक्तों बधाई है बधाई है
माँ ताप्ती के तट पर जो आते है
दर्शन से पाप धूल जाते है 2
मन की मुरादें माँ से पाते है 2
बेनाम दीप जो जलाते है 2
शहनाज तेरी महिमा गाई है
भक्तों बधाई है बधाई है
सूर्यसुता वरदानी है
इनसा ना जग में कोई प्राणी है 2
वेदों ने महिमा जो बखानी है 2
सुर नर गंधर्वो जो मानी है 2
यम और शनिचर जिसके भाई है
भक्तों बधाई है बधाई है

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें